STOCK
RBI: रुपये में वोलैटिलिटी रोकने को फॉरेक्स नियम सख्त किए, $5M की सीमा तय
Reserve Bank of India (RBI) ने रुपये में उतार-चढ़ाव और गिरावट रोकने के लिए फॉरेक्स डेरिवेटिव्स के नियम सख्त कर दिए हैं। नए नियमों के तहत बिना अंडरलाइंग एक्सपोजर के ट्रांजैक्शन की सीमा $100 मिलियन से घटाकर $5 मिलियन कर दी गई है। इसके अलावा $2 मिलियन से अधिक के सौदों पर 20% फॉरेक्स रिस्क रिजर्व (FERR) रखना अनिवार्य किया गया है और रद्द कॉन्ट्रैक्ट्स की री-बुकिंग पर रोक लगाई गई है। Kotak Mahindra Bank और IDFC FIRST Bank की रिपोर्ट के अनुसार, इन कदमों से हेजिंग लागत 1-1.6% बढ़ेगी और स्पेक्युलेटिव डॉलर मांग में कमी आएगी। इससे बैंकिंग सिस्टम से करीब ₹1.5 लाख करोड़ की लिक्विडिटी भी बाहर हो सकती है। निवेशकों के लिए मायने: रुपये में स्थिरता आने से आयात निर्भर कंपनियों की इनपुट लागत नियंत्रित रह सकती है, जिसे बाज़ार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।