NSE के नियमों के अनुसार गैर-F&O शेयरों पर दैनिक Price Band 2%, 5%, 10% या 20% लग सकता है। Auction market में आमतौर पर 20% band लागू होता है।
Upper Circuit और Lower Circuit एक शेयर की दिन की ऊपरी और निचली कीमत सीमा हैं। Market-wide Circuit Breaker अलग व्यवस्था है—Nifty 50 या Sensex के 10%, 15% या 20% मूव पर पूरा equity और derivatives बाज़ार रुकता है।
📌 संक्षेप में
- Price Band / Circuit Filter: एक शेयर पर; previous close से तय प्रतिशत ऊपर-नीचे।
- Upper Circuit: दिन की अधिकतम खरीद-बिक्री कीमत; Lower Circuit न्यूनतम।
- F&O शेयर: fixed Price Band नहीं; 10% operating range, शर्तें पूरी होने पर flex।
- Market-wide breaker: Nifty या Sensex (जो पहले पहुंचे) के 10/15/20% पर nationwide halt।
| प्रकार | लागू कहाँ | सीमा | असर |
|---|---|---|---|
| Price Band 2%/5%/10%/20% | गैर-F&O शेयर (exchange सूची) | Previous close ± प्रतिशत | उस शेयर पर order उसी दायरे में |
| Upper / Lower Circuit | एक शेयर का दिन का band | Upper = अधिकतम, Lower = न्यूनतम | Band पर पहुँचने पर उसी कीमत पर सीमित trade |
| F&O operating range | Derivatives वाले शेयर | शुरुआत में आमतौर पर ±10%, flex संभव | Fixed circuit नहीं; गलत भाव वाले order रोकने हेतु |
| Market-wide Circuit Breaker | पूरा बाज़ार (equity + derivatives) | Nifty/Sensex ±10%/15%/20% | दोनों exchanges पर coordinated halt |
Price Band और Circuit Filter क्या है (price band circuit filter kya hai)
Price Band वह प्रतिशत सीमा है जिसके बाहर exchange उस दिन उस शेयर पर order स्वीकार नहीं करता। सीमा आमतौर पर previous day close पर आधारित होती है।
NSE पर दैनिक bands 2%, 5%, 10%, या बाकी शेयरों पर 20% (debenture/preference समेत) हो सकते हैं। F&O शेयरों पर fixed Price Band नहीं; fat-finger रोकने हेतु लगभग 10% operating range रहता है। Index derivatives में शामिल पर स्वयं F&O में न होने वाले शेयरों पर band लगता है।

Upper Circuit और Lower Circuit का मतलब (upper circuit lower circuit matlab)
Upper Circuit दिन की ऊपरी सीमा है; Lower Circuit निचली। Previous close ₹100 और 5% band पर Upper ₹105, Lower ₹95; 20% band पर Upper ₹120, Lower ₹80।
जब खरीद order Upper पर ज़्यादा और विक्रेता कम हों, तो शेयर Upper Circuit पर अटक सकता है; Lower पर उलटा। यह मांग-आपूर्ति असंतुलन दर्शाता है, कंपनी की गुणवत्ता नहीं।
💰 ₹ का उदाहरण: previous close ₹100
- 5% band: Upper Circuit ₹105, Lower Circuit ₹95।
- 10% band: Upper ₹110, Lower ₹90।

Previous close Rs 100 price band upper lower circuit 5% 10% 20% worked example diagram in Hindi – ₹100 पर Upper Lower Circuit हिसाब - 20% band: Upper ₹120, Lower ₹80।
- F&O (operating range ~10%): शुरू में करीब ₹110–₹90; शर्तें पूरी हों तो exchange range बढ़ा (flex) सकता है।
Market-wide Circuit Breaker कैसे काम करता है (market wide circuit breaker)
SEBI के नियम (2001; 2013 संशोधन) के तहत Nifty 50 या Sensex—जो पहले limit छुए—के 10%, 15% या 20% मूव पर पूरे देश में equity और equity derivatives रुकते हैं। सीमाएँ हर दिन previous close से निकलती हैं।
NSE नियम: 10% पर 1 बजे से पहले 45 मिनट halt (+15 मिनट pre-open), 1–2:30 पर 15 मिनट halt, 2:30 बाद halt नहीं। 15% पर 1 बजे से पहले 1 घंटे 45 मिनट, 1–2 बजे 45 मिनट, 2 बजे बाद दिन भर बंद। 20% पर कभी भी बाकी दिन बंद।

✅ ध्यान दें
शेयर का Price Band NSE/BSE quote पेज या Daily Price Bands सूची में देखें। Upper/Lower hitters और index की 10/15/20% point-सीमा exchange रोज़ प्रकाशित करता है।
⚠️ सावधानी
Upper Circuit पर फँसे शेयर में तुरंत बेचना कठिन हो सकता है। F&O पर “circuit नहीं” समझकर असीमित मूव मानना गलत है—operating range/flex लागू रहते हैं। Market-wide halt में नए order match नहीं होते।
फायदे और नुकसान (circuit filter fayde nuksan)
✅ फायदे
- अत्यधिक एकदिवसीय उतार-चढ़ाव पर रोक।
- गलत/बहुत दूर के order (fat-finger) कम होने में मदद।
- Market-wide halt दोनों exchanges पर एक साथ लगती है।
❌ नुकसान
- Circuit पर शेयर अटकने से position तुरंत बंद करना कठिन।
- सही समाचार पर भी band कीमत को रोक सकता है।
- Upper/Lower और market-wide breaker मिलाकर समझने से भ्रम होता है।
यह भी पढ़ें: Market Cap क्या है? Large, Mid और Small Cap | Bonus Share और Stock Split में क्या फर्क है? | Vedanta Iron में 5% Lower Circuit (FinShorts)
FAQ (upper circuit lower circuit FAQ)
प्रश्न: Upper Circuit और Market-wide Circuit Breaker में क्या फर्क है?
उत्तर: Upper/Lower एक शेयर की दैनिक Price Band सीमा है। Market-wide breaker index (Nifty/Sensex) के बड़े मूव पर पूरे बाज़ार की coordinated halt है।
प्रश्न: Price Band कौन तय करता है?
उत्तर: Stock exchanges SEBI ढाँचे के तहत; NSE Daily Price Bands प्रकाशित करता है। Surveillance के कारण band संकीर्ण भी हो सकता है।
प्रश्न: क्या 2:30 बजे बाद 10% index मूव पर बाज़ार बंद होता है?
उत्तर: NSE नियम के अनुसार 2:30 बजे या बाद 10% स्तर पर halt नहीं होती। 15% और 20% के नियम समय के अनुसार अलग हैं।
प्रश्न: Auction market में band कितना होता है?
उत्तर: NSE के अनुसार Auction पर 20% Price Band लागू होता है।
प्रश्न: Circuit कैसे चेक करें?
उत्तर: NSE/BSE quote पेज पर High/Low price band देखें; hitters सूची और index circuit limits exchange साइट पर मिलती हैं।
प्रश्न: F&O शेयर पर fixed 20% Price Band लगता है क्या?
उत्तर: नहीं। Fixed band नहीं; आमतौर पर 10% operating range होता है, जो शर्तों पर flex हो सकता है।
प्रश्न: Market-wide breaker किस पर लगता है?
उत्तर: Nifty 50 या Sensex—जो पहले 10%/15%/20% छुए—पर; पूरा equity और derivatives बाज़ार रुकता है।
प्रश्न: Previous close ₹100, band 5% हो तो Lower Circuit क्या होगा?
उत्तर: ₹95। Upper ₹105।
स्रोत (Sources):
- NSE India: Equity Market – Price Bands (2%/5%/10%/20%; F&O पर fixed band नहीं, ~10% operating range; Auction 20%)
- NSE India: Circuit Breakers – index-based market-wide halt 10%/15%/20%, SEBI Cir. SMDRPD/Policy/Cir-37/2001 और CIR/MRD/DP/25/2013
- SEBI: Index based market-wide circuit breaker mechanism (Sep 2013 circular)
- BSE Notice 20131011-22: revised halt durations और daily computation of triggers
- NSE FAQs: Price Band / Operating Range Flex (F&O dynamic range)
Updated: अक्टूबर 2026
यह लेख केवल शैक्षिक (educational) है; उदाहरण समझाने के लिए हैं, किसी शेयर को खरीदने, बेचने या रखने की सलाह नहीं। लेखक और Findose.in SEBI-registered RA/IA नहीं हैं। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिमों के अधीन है।