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SWP Calculator

Model systematic withdrawals from a corpus.

SWP Calculator tool

Actual mutual fund returns are market-linked. Results are estimates only.

Models monthly compounding then withdrawal. Mutual fund returns are market-linked; results are estimates only. Corpus may exhaust before the selected period.

रिटायरमेंट के बाद हर महीने घर का खर्च चाहिए, या बड़े corpus से नियमित नकदी—पूरा निवेश एक दिन बेचे बिना। SWP (Systematic Withdrawal Plan) यही करता है: पैसा लगा रहता है, और तुम तय राशि समय-समय पर निकालते हो। ऊपर Findose SWP Calculator बताता है—इतनी मासिक निकासी, इतने return और इतने साल पर कुल कितना निकलेगा, आखिर में कितना बचेगा, और बीच में पैसा खत्म तो नहीं हो जाएगा। नंबर उदाहरण हैं; असल NAV अलग चल सकता है।

SWP किन चीज़ों पर बदलता है

  • शुरुआती corpus: जितना बड़ा आधार, उतनी गुंजाइश कि निकासी के बाद भी कुछ बचा रहे।
  • मासिक निकासी: सबसे संवेदनशील चीज़। थोड़ी बढ़ाने पर लंबे सालों में बड़ा फर्क।
  • अपेक्षित सालाना return: मॉडल हर महीने पहले थोड़ा बढ़ाता है, फिर निकासी काटता है। Rate कम हो तो पैसा जल्दी खत्म हो सकता है।
  • Tenure: जितने साल चुनो, उतने महीने सिमुलेशन चलता है—जब तक पैसा रहे।
  • बाज़ार का उतार-चढ़ाव: कैलकुलेटर सीधी rate मानता है। बुरे साल में वही निकासी corpus तेज़ी से घटा सकती है।
  • टैक्स और load: टूल इनमें कटौती नहीं करता।

यह SWP Calculator कैसे मदद करता है

  • “क्या ₹15,000 महीना 15 साल चल सकता है?” जैसे सवाल का मोटा जवाब जल्दी।
  • निकासी घटाकर या साल छोटा करके “पैसा जल्दी खत्म” वाला खतरा कम कर सकते हो।
  • SIP/Lumpsum से बने लक्ष्य को यहाँ डालकर आय पक्ष देख सकते हो।
  • “कुल निकाला” बनाम “अंत में बचा”—घर वालों को समझाना आसान।
  • यह प्लान अभ्यास है, किसी स्कीम की सिफ़ारिश नहीं।

SWP को “पेंशन जैसी आय” मत समझ बैठना—यह बाज़ार और निकासी दोनों पर टिकी है। मान लीजिए ₹20,000 महीना चाहिए—पहले कम return पर भी चलता है या नहीं, वो चेक करो। अगर स्क्रीन कहे पैसा जल्दी खत्म—निकासी घटाओ, साल छोटा करो, या corpus बढ़ाओ।

SWP कैसे गिनता है + उदाहरण

हर महीने दो कदम: पहले वृद्धि, फिर निकासी। पैसा खत्म हो जाए तो सिमुलेशन रुक सकता है।

महीने की rate: r = सालाना% / 12 / 100

हर महीने:

corpus = corpus × (1 + r)

corpus = corpus − मासिक निकासी

कुल निकासी = सभी महीनों का योग। शेष = आखिरी बैलेंस (या शून्य)।

उदाहरण (मान लीजिए): शुरू में ₹5,00,000, सालाना 12%, मासिक निकासी ₹10,000। महीने की rate = 1%। पहले तीन महीने:

महीनावृद्धि के बादनिकासीशेष
1₹5,05,000₹10,000₹4,95,000
2₹4,99,950₹10,000₹4,89,950
3≈ ₹4,94,850₹10,000≈ ₹4,84,850

निकासी के बावजूद कुछ महीनों में शेष धीरे गिरता है क्योंकि वृद्धि भी चल रही है। निकासी ₹40,000 कर दो तो वही corpus जल्दी खत्म हो सकता है—ऊपर टूल में लंबा tenure चलाकर देखो।

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बोनस टिप्स और सावधानियाँ

बोनस

  • पहले ज़रूरी मासिक खर्च लिखो, फिर निकासी मिलाओ।
  • एक scenario में निकासी 10–20% कम करके बफर देखो।
  • कम rate (मान लीजिए 6–8%) पर भी प्लान चलाओ।
  • SIP से जमा + SWP से निकाल—दोनों पेज साथ खोलो।
  • साल में एक बार निकासी महँगाई के हिसाब से जाँचो।

सावधानी

  • ऊँची निकासी + कम return = अवधि से पहले पैसा खत्म।
  • बाज़ार गिरे तो स्थिर निकासी नुकसान बढ़ा सकती है।
  • टैक्स टूल में शामिल नहीं।
  • अनुमान सीधी rate मानता है; असल NAV अलग।
  • यह निवेश सलाह नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

SWP और SIP में क्या फर्क?
SIP पैसे जोड़ता है। SWP पैसे निकालता है। एक बनाता है, दूसरा इस्तेमाल।
क्या पैसा बीच में खत्म हो सकता है?
हाँ। निकासी वृद्धि से तेज़ हो तो प्लान्ड साल से पहले रुक सकता है।
पहले वृद्धि क्यों?
Findose की धारणा: महीने में पहले बढ़े, फिर निकासी। हिसाब एक जैसा रखने के लिए।
कितनी निकासी सुरक्षित है?
कोई जादुई % नहीं। अलग-अलग rate और साल पर “खत्म तो नहीं” चेक करो।
क्या यह पेंशन की गारंटी है?
नहीं। सिर्फ़ गणितीय अनुमान।
कौन-सा return डालूँ?
जो अपेक्षा तुम समझकर मानते हो। दो-तीन बैंड आज़माओ।
कुल निकासी शुरू के पैसे से ज़्यादा क्यों?
क्योंकि बीच में return भी जुड़ता है। उलटा भी हो सकता है।
XIRR यहाँ क्यों?
असली निकासी/निवेश की तारीखें टेढ़ी हों तो सालाना दर XIRR से साफ़ समझ आती है।